मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की मिसाइल क्षमता को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—क्या उसकी मिसाइलें अब यूरोप तक पहुंच सकती हैं?
हाल ही में आई रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने पहली बार करीब 4000 किलोमीटर तक मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।
इसका संकेत तब मिला जब ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-यूके के सैन्य ठिकाने डिएगो गार्सिया को निशाना बनाने की कोशिश की।
इजरायल के सैन्य अधिकारियों का दावा है कि इस नई क्षमता के बाद बर्लिन, पेरिस और रोम जैसे यूरोपीय शहर भी इन मिसाइलों की रेंज में आ सकते हैं।
वहीं, अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि ईरान ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो “यूरोप के बड़े हिस्से तक पहुंच सकती हैं”, जिससे वैश्विक सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है।
लेकिन दूसरी ओर, ब्रिटेन सरकार ने इन दावों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है। उनका कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि ईरान यूरोप पर हमला करने की क्षमता या इरादा रखता है।
⚖️ निष्कर्ष
- ✔️ ईरान की मिसाइल रेंज बढ़ रही है (लगभग 4000 किमी या उससे अधिक)
- ✔️ कुछ विशेषज्ञों के अनुसार यूरोप के हिस्से खतरे में आ सकते हैं
- ❗ लेकिन अभी भी इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मतभेद हैं
👉 कुल मिलाकर, खतरे की आशंका जरूर बढ़ी है, लेकिन यह अभी पूरी तरह साबित या तय नहीं है कि ईरान की मिसाइलें यूरोप तक नियमित रूप से पहुंच सकती हैं।

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